अध्याय 1: नई पड़ोसन
रवि जब नए अपार्टमेंट में शिफ्ट हुआ, तो सबसे पहले उसकी नजर सामने वाली बालकनी में खड़ी एक सुंदर लड़की पर पड़ी। उसका नाम था सान्या। शहर की भीड़भाड़ में वो एक शांत और रहस्यमयी चेहरा थी। रवि उसकी ओर खिंचता चला गया, लेकिन वो ज्यादा बात नहीं करती थी। बस हल्की सी मुस्कान और फिर गायब।
अध्याय 2: रहस्यमयी चीख
एक रात करीब दो बजे, रवि की नींद एक जोरदार चीख से टूटी। वो बालकनी में आया और देखा कि सान्या के घर की लाइट बंद है, लेकिन दरवाजा थोड़ा खुला था। अगले दिन सुबह खबर आई—सान्या गायब थी। पुलिस आई, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। रवि को शक हुआ कि कुछ तो छुपाया जा रहा है।
अध्याय 3: पर्दाफाश
रवि ने अपनी पड़ताल शुरू की। एक पुरानी पड़ोसन ने बताया कि इस फ्लैट में पहले भी एक लड़की गायब हो चुकी थी। रवि ने सान्या के कमरे में जाकर देखा, और वहां की दीवार में एक छिपा हुआ दरवाजा मिला। अंदर एक तहखाना था, जिसमें पुराने कागजात और तस्वीरें थीं—सान्या की, और कुछ अजनबियों की। असल में सान्या एक अंडरकवर पुलिस अफसर थी, जो एक मानव तस्करी रैकेट का भंडाफोड़ करने आई थी... लेकिन अब वो खुद शिकार बन चुकी थी।
अध्याय 4: अंतिम मोड़
रवि ने सबूत पुलिस को दिए। छापा पड़ा और एक बड़ा गिरोह पकड़ा गया। लेकिन सान्या का अब तक कोई सुराग नहीं था। फिर एक दिन रवि को एक लेटर मिला—"धन्यवाद, रवि। मैं जिंदा हूं। अगली बार मिलूंगी, एक नई पहचान में। — सान्या"।

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