शतरंज की रानी - एक साइको थ्रिलर कहानी
लेखक: गुमनाम
श्रेणी: रोमांच, मर्डर मिस्ट्री, थ्रिलर
रिया एक सफल क्रिमिनल साइकोलॉजिस्ट थी, जिसकी खूबसूरती उतनी ही जानलेवा थी जितनी उसकी ज़ुबान। उसकी आँखों में कुछ ऐसा था जो सामने वाले को खींच लाता। वो केस सुलझाती नहीं थी, केस उसे खुद ढूंढ लेते थे।
इस बार का केस था – उद्योगपति करण मल्होत्रा की हत्या। करण की लाश एक बंद कमरे में मिली थी, दरवाज़ा अंदर से लॉक था, खिड़कियाँ बंद। पुलिस के लिए यह एक क्लासिक ‘locked-room mystery’ थी।
रिया ने केस लिया और पहली नजर में ही उसे करण की पत्नी – साक्षी पर शक हुआ। साक्षी, एक पूर्व मॉडल, जिसने करण से शादी सिर्फ पैसों के लिए की थी। लेकिन एक बात और थी – साक्षी और रिया कॉलेज के समय की दोस्तें थीं, और एक-दूसरे के बेहद करीब।
रिया जब साक्षी से मिलने गई, तो अतीत का तूफान जैसे लौट आया। दोनों के बीच अब भी वही पुरानी केमिस्ट्री थी – और शायद कुछ अधूरा सेक्सुअल टेंशन भी।
साक्षी बोली – "तू यकीन नहीं करेगी, लेकिन मैंने करण को मारा नहीं। पर जो कुछ हुआ, वो रात तू जानती तो है ना... जब हम तीनों एक साथ थे।"
रिया के लिए यह नया खुलासा था – साक्षी और करण के बीच की खटास इतनी बढ़ चुकी थी कि उन्होंने एक ‘ओपन रिलेशनशिप’ की कोशिश की थी, जिसमें रिया भी एक बार शामिल हो चुकी थी। उस रात तीनों ने साथ शराब पी, फिर जोश में एक-दूसरे को छूने लगे। वो एक ‘थ्री-सम’ में बदल गई। लेकिन उसके बाद चीजें बदल गईं।
रहस्य और मोड़
रिया ने केस को गहराई से देखा। CCTV में कुछ नहीं था, दरवाज़ा अंदर से लॉक था, लेकिन बाथरूम की वेंटिलेशन ग्रिल थोड़ी खुली थी।
वो करण के असिस्टेंट – अर्जुन से मिली। अर्जुन, एक शांत लेकिन चालाक लड़का, जिसकी आंखें सच्चाई छिपा रही थीं। कुछ देर की बातों के बाद रिया को एहसास हुआ – अर्जुन को साक्षी से एकतरफा प्यार था। और शायद ईर्ष्या ने उसे हत्यारा बना दिया था।
रिया ने अर्जुन को ट्रैप करने के लिए एक चौंकाने वाला प्लान बनाया – उसने अर्जुन को बताया कि वो करण की मौत वाली रात की वीडियो फुटेज उसके पास है, जिसमें सब रिकॉर्ड हुआ है।
अर्जुन डर गया, और सब उगल दिया – "मैंने ही करण को मारा, लेकिन वो साक्षी के लिए था। मैं उसे खुश देखना चाहता था। मुझे लगा वो करण के मरने के बाद मेरी होगी।"
क्लाइमेक्स – 350 डिग्री ट्विस्ट
जब अर्जुन गिरफ्तार हुआ, रिया वापस साक्षी के पास गई। साक्षी हँसने लगी। "रिया, तू जानती है ना अर्जुन तो बस मोहरा था। प्लान तो हमारा था। करण के पैसे के बिना हम कुछ नहीं कर सकतीं।"
रिया मुस्कुराई – "साक्षी, तू भूल गई कि मैं एक साइकोलॉजिस्ट हूं। मैंने जानबूझकर अर्जुन को उकसाया, ताकि तुम दोनों पकड़े जाओ। तुमने सोचा तुम मेरी दोस्त हो, लेकिन अब मैं तुम्हें एक केस की तरह देखती हूं।"
साक्षी चीख उठी – "तूने धोखा दिया!"
रिया ने आखिरी चाल चली – "शतरंज की रानी वो नहीं जो प्यार में फंसे, रानी वो जो अपने राजा की बलि देकर खेल जीते।"

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